हे माँ सरस्वती
उतारूँ मै
तेरी आरती
कर स्वीकार
मेरी भक्ति
दे ज्ञान मुझको
इतना
की,लिख सकूँ तेरी
वंदना
जो अब तक
मिला है मुझको
आशीष ही है
तेरा
हाँ/सच है
ये कुछ नहीं है
मेरा
जब तक चलेंगी
साँसे/मै नाम लूँगा
तेरा
आना ही होगा तुझको
सुन के मेरी पुकार
है अब एक ही
तमन्ना/की
गूंजे तेरा
जयजयकार,,,,,,
राजेश कुमार सिन्हा
उतारूँ मै
तेरी आरती
कर स्वीकार
मेरी भक्ति
दे ज्ञान मुझको
इतना
की,लिख सकूँ तेरी
वंदना
जो अब तक
मिला है मुझको
आशीष ही है
तेरा
हाँ/सच है
ये कुछ नहीं है
मेरा
जब तक चलेंगी
साँसे/मै नाम लूँगा
तेरा
आना ही होगा तुझको
सुन के मेरी पुकार
है अब एक ही
तमन्ना/की
गूंजे तेरा
जयजयकार,,,,,,
राजेश कुमार सिन्हा
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